दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए एक नई योजना सरकार की ओर से निकाली गई है। और यह योजना दिव्यांग लोगों के लिए बहुत ही लाभकारी होने वाली है। क्योंकि इस योजना के तहत फणवासी सरकार के द्वारा Vivah Protsahan Yojana के तहत दिव्यांग उम्मीदवारों के विवाह के लिए 1.50 लाख रुपए से ₹2.50 लाख उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी।

महाराष्ट्र विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत दिव्यांग उम्मीदवारों के विवाह के लिए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी जिसके तहत दिव्यांग उम्मीदवार भी अपना जीवन यापन साधारण व्यक्तियों की तरह कर सके इस Vivah Protsahan Yojana की पूरी जानकारी जैसे क्या उद्देश्य है, किन-किन को लाभ ही दिया जाएगा। और यह योजना कहां की है। आवश्यक दस्तावेज क्या लगेंगे, कैसे आवेदन करेंगे, सारी जानकारी इस आर्टिकल में साझा करने वाले हैं।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य
फणवासी सरकार के द्वारा महाराष्ट्र विवाह प्रोत्साहन योजना जो चलाई जा रही है। इस योजना के तहत जितने भी दिव्यांग उम्मीदवार हैं। उनको शादी के लिए सरकार की ओर से 1.50 लाख रुपए से 2.50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। ताकि वह उम्मीदवार अपना जीवन यापन साधारण व्यक्ति जिस तरह करता है। उस तरह कर सके और इस योजना का मुख्य उद्देश्य यही है। कि जो दिव्यांग उम्मीदवारों के विवाह के बारे में समाज सोचती है। विकलांग लड़कियों को ताना शाहना पड़ता है।उनकी जोड़ी सही से नहीं मिल पाती अनेक प्रकार के समाज में बातें चलती है। उनकी सोच बदलने के लिए सरकारी यह अहम कदम उठाया है। ताकि लोगों का यह सोच बदलकर उन्हें भी बढ़ने का मौका दिया जाए
इस योजना का लाभ किनको मिलेगा और कितना
देखिए इस योजना का लाभ सिर्फ दिव्यांग उम्मीदवारों को ही दिया जाएगा और यह लाभ तब दिया जाएगा जब दिव्यांग उम्मीदवारों की शादी होगी। इसके अलावा आप सभी को और बता दे कि इस योजना के तहत दिव्यांग लोगों को शादी के लिए 1.50 लाख रुपए सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि के रूप में दी जाएगी और यह राशि तब दी जाएगी जब एक विकलांग एक सामान्य लड़की से शादी करता है। और जब दो दिव्यांग दिव्यांग (महिला) शादी करते हैं। तो उनको सरकार की ओर से 2.50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी और जो भी राशि सरकार की ओर से दी जाएगी वह राशि पति पत्नी के संयुक्त बैंक खाते में डीबीटी के जरिए जमा होगी और इसमें 50% की रकम 5 साल के लिए एफडी में रखना अनिवार्य होगा। ताकि भविष्य में आर्थिक सुरक्षा मिल सके।
इस योजना के लिए पात्रता
इस योजना का लाभ उन्हीं दिव्यांग उम्मीदवारों को मिलेगा जो इस योजना के लिए पात्र होंगे।
- वर या वधू के पास काम से कम 40% दिव्यांगता का वैध UDID कार्ड होना चाहिए
- वर या वधू का पहला विवाह होना चाहिए
- वर या वधू में से किसी एक दिव्यांग उम्मीदवार को महाराष्ट्र का निवासी होना जरूरी है।
- जो विकलांग वर या वधू तलाकशुदा होंगे उनको यह लाभ नहीं दिया जाएगा।
- इसके अलावा विवाह का कानूनी पंजीकरण अनिवार्य होगा।
आवश्यक दस्तावेज
इस योजना का लाभ उठाने के लिए आपके पास कुछ आवश्यक दस्तावेज होने चाहिए कि नीचे स्टेप बाय स्टेप बताए गए हैं।
- आपके पास काम से कम 40% दिव्यांगता का प्रमाण पत्र होना जरूरी है।
- महाराष्ट्र का निवास प्रमाण पत्र होना जरूरी है।
- शादी का प्रमाण पत्र
आधार कार्ड बैंक
पासबुक खाता
आवेदन कैसे करें
- महाराष्ट्र विवाह प्रोत्साहन योजना का लाभ उठाने के लिए आपको विवाह के 1 साल के भीतर आवेदन के साथ सभी दस्तावेज को अटैच करके संबंधित जिला कार्यालय में आपको जमा करना होगा।
- उम्मीदवारों का चयन जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति करेगी। स्वीकृत सूची दिव्यांग कल्याण आयुक्त पुणे को भेजी जाएगी जहां से लाभ्यर्थियों की खाते में सहायता राशि भेजी जाएगी।
FAQ
प्रश्न:- विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना क्या है?
उतर:– महाराष्ट्र विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत दिव्यांग उम्मीदवारों को सरकार की ओर से उनकी शादी के लिए 1.50 लाख रुपए देती है। और जब दिव्यांग (उम्मीदवार) दिव्यांग (महिला) से शादी करने पर सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि के रूप में 2.50 लाख डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में ट्रांसफर किया जाता है।
प्रश्न:- विकलांग से शादी करने पर कितना पैसा मिलता है?
उतर:– विकलांग उम्मीदवार की शादी सामान्य महिला से होती है। तो स्थिति में महाराष्ट्र विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत सरकार की ओर से 1.50 लाख के रुपए राशि दी जाती है। और जब वर और वधु दोनों विकलांग है। तो इस स्थिति में सरकार की ओर से 2.50 लख रुपए मिलते हैं।